| Why are some people white, black and dark? |
हम लोगों को यह नहीं पता है की हमारे आसपास मौजूद सभी लोगों का व्यवहार रंग-रूप, आवाज़ एक-दुसरे से अलग होती है। भले ही यह सामान्य बात हो लेकिन इसके पीछे भी प्राणी विज्ञान ही काम करता है। मानव का रंग उसकी त्वचा में उपस्थित एक रंगीन पदार्थ पर निर्भर करता है, जिसे पिगमेंट कहते हैं।
जो पिगमेंट पूरा रंग लिए होता है उसे मेलेनिन कहते हैं। सूर्य के प्रकाश में शरीर के ऊतकों द्वारा अधिक मेलेनिन पैदा किया जाता है।
ऐसा सूर्य के प्रकाश में उपस्थित पराबैगनी किरणों के कारण होता है। इन किरणों के प्रभाव से अधिक मेलेनिन उत्त्पन्न होने के कारण रंग काला हो जाता है।
यही कारण है कि गर्म प्रदेशों में रहने वालों की त्वचा का रंग अधिक मेलेनिन होने के कारण काला होता है जबकि ठन्डे प्रदेशों में रहने वालों की त्वचा का रंग गोरा होता है। ठन्डे प्रदेशों में मेलेनिन का निर्माण कम होता है।
