| What is asbestos? |
क्या आप लोग जानते हैं एस्बेस्टस कैसे बनता है
एस्बेस्टस एक ऐसा शब्द है जिसका ज़िक्र भले ही आम न हो लेकिन लोहा, प्लास्टिक, कांच जैसे बहुपयोगी सामग्री बनाने में इसका प्रयोग होता है। दरअसल एस्बेस्टस ग्रीक भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है "अशमनीय" यह एक ऐसा विचित्र पदार्थ होता है जो आग नहीं पकड़ता।
यह पदार्थ चट्टानों से मिलता है और साथ ही इसकी खानें भी होती हैं। खानों में इसका निर्माण "ओलिविन" नामक पदार्थ के विघटन से होता है।
ओलिविन वास्तव में कैल्शियम और मैग्नीशियम के सिलिकेट होते हैं। खानों में होने वली रासायनिक क्रिया के फलस्वरूप ये पदार्थ रेशों में बदल जाता है। रुई कि तरह इसके धागे काते जा सकते हैं। एस्बेस्टस को खानों से निकाल कर सुखा लिया जाता है और मशीनों कि सहायता से इसके रेशो को अलग करके रस्सी के धागों के रूप में कातलिया जाता है।
जिससे कपडा या चादर बना ली जाती है। एस्बेस्टस का प्रयोग करके आग में ना जलने वाले कपड़े बनाये जाते हैं। जिनका इस्तेमाल आग कि भट्टियों के आसपास काम करने वाले लोग करते हैं। साथ ही एस्बेस्टस के ठोस रूप का प्रयोग भट्टियों कि ऊष्मा को बेकार न जाने देने के लिए भी किया जाता है।
भट्टियों में इसकी चादरें लगाई जाती हैं। ठन्डे प्रदेशों में पानी के पाइपों के ऊपर एस्बेस्टस कि परत चडाई जाती है जिससे उनमे पानी नहीं जमता। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यह ऊष्मा और विद्युत दोनों का कुचालक होता है। इसका 75% उत्तपादन कनाडा में होता है।
